॥ पावन पाठ ॥
ज़ब गम का बादल छाता है
ना मन मेरा घबराता है
श्याम सहारा ज़ब सँग मे
फिर चिंता क्यों मुझे होंगी
तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होंगी
ज़ब गम का बादल छाता है
ना मन मेरा घबराता है
श्याम सहारा ज़ब सँग मे
फिर चिंता क्यों मुझे होंगी
तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होंगी