लिखता रहूं गुणगान सांवरे , मैं गाता रहूं यही तान सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - आता रहूं दरबार सांवरे

लिखता रहूं गुणगान सांवरे , मैं गाता रहूं यही तान सांवरे

सबसे सोना मेरा दिलदार सांवरे , मैं गाता रहूं यही तान सांवरे

उंगली पकड़ के मेरी बाबा मंदिर में ले आया

सब ने साथ छोड़ा तब बाबा ने हाथ बढ़ाया

बाने यूं रखना प्यार सांवरे

सबसे सोना मेरा दिलदार सांवरे , मैं गाता रहूं यही तान सांवरे

बंद पड़ी किस्मत को मेरी तूने ही चमकाया

पड़े हुए को तूने बाबा पलकों पर बैठाया

मेरा तो तू ही आधार सांवरे

सबसे सोना मेरा दिलदार सांवरे , मैं गाता रहूं यही तान सांवरे

मोर छड़ी वाले की महिमा सब है ये मानी

मेरे खाटू वाले की तो दुनिया है दीवानी

लकी का तू ही मददगार सांवरे

सबसे सोना मेरा दिलदार सांवरे , मैं गाता रहूं यही तान सांवरे

Lyrics - lucky Shukla

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।