तेरा ही भरोसा भारी भानुदुलारी,जय हो जय हो जय हो तेरी बरसाने वारी

सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा ही भरोसा भारी भानुदुलारी,

जय हो जय हो जय हो तेरी बरसाने वारी।

तू ही मेरी मैं भी तेरी कह श्रुति चारी,

पुनि क्यों भुलाया मोहिं मेरी महतारी।

माना मैं बुरा हूँ अति हूँ तो तेरा प्यारी,

तेरी लाज जाय एइ मोहिं सोच भारी।

तू तो है 'कृपालु' बिनु हेतु सुकुमारी,

पुनि क्यों कृपा में देरी एतिक प्यारी।

पुस्तक : ब्रज रस माधुरी-3

पद संख्या : 93

पृष्ठ संख्या : 140**

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।