बड़ा ही निराला है मेरा शिव शंकर पीए विष का प्याला है मेरा शिव शंकर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज प्यारा सा मुखड़ा

भोला सा बाबा साधु का वेष

इनका ठिकाना पर्वतों पे

बड़ा ही निराला है मेरा शिव शंकर

पीए विष का प्याला है मेरा शिव शंकर

सज रहे हैं भोले आज त‌न पे है भसम रमाए

सारे देव मिलकर भोले शंकर को आज सजाएं

नंदी पर बैठा तो बड़ा प्यारा लगता है मेरा शिव शंकर

पीए विष का प्याला है मेरा शिव शंकर

बेलपत्र चढ़ाकर अपने बाबा को आज मनाऊं

भांग घोट कर मैं अपने भोले को आज पिलाऊं

डमरू ये बजाता है मेरा शिव शंकर

पीए विष का प्याला है मेरा शिव शंकर

लकी कहता प्यारे भोले का तू ध्यान लगाले

इनके चरणों में तू अपना सारा जीवन बिताले

दुखों को हरता है मेरा शिव शंकर

पीए विष का प्याला है मेरा शिव शंकर

Lyrics - lucky Shukla

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।