साडी गली आवे श्यामा, अँखियां विछाईंयां वे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-सपनों में आनें वाले सामनें तो आजा

साडी गली आवे श्यामा,अँखियां विछाईंयां वे,

सईयां नहीं जांदियां ने,तेरीयां जुदाईयां वे

साडी गली....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।