खोल दया के द्वार सांवरे

विष्णु कुमार सोनी, कानपुर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम श्याम का ले लिया

सर्वेश्वर अब सांवरिया...

खाटू का मंदिर है प्यारा

रहता जहां हारे का सहारा..

तर्ज: बोल दो मीठे बोल सोनिये

आया जहां से हार सांवरे, खोल दया के द्वार सँवारे-2

जीवन है मझधार सांवरे, थाम ले तू पतवार सांवरे ।

आया जहां से हार सांवरे, खोल दया के द्वार सांवरे

दुखिया तेरे द्वार खड़ा है, जल्दी आओ, न देर लगाओ-2

जादू भरी यह मोर छड़ी, सर पर लहराओ, मेरे सांवरे,

कर मेरा उद्धार सांवरे, थाम ले तू पतवार सांवरे ।

आया जहां से हार सांवरे, खोल दया के द्वार सांवरे ।।

श्याम तुम्हारे चरणों मे, अपनी आंखों से, कुछ बूंद चढ़ाऊँ-2

मैं निर्धन धनवान है तू, क्या भेंट चढ़ाऊँ । मेरे सांवरे ।

कर मुझपे उपकार सांवरे, थाम ले तू पतवार सांवरे ।

आया जहां से हार सांवरे, खोल दया के द्वार सांवरे ।।

हमने सुना खाटू वाले तू, सबकी बिगड़ी, तकदीर बनाये-2

करके भरोसा हम भी है फरियाद लगाये । मेरे सांवरे ।

विष्णु हुआ लाचार सांवरे, थाम ले तू पतवार सांवरे ।

आया जहां से हार सांवरे, खोल दया के द्वार सांवरे ।।

लेखक: विष्णु कुमार सोनी, कानपुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।