तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया,

कान्हा कान्हा बोले बस मेरा जिया,

दर पे बुला के ये क्या किया ,

ओ रे कान्हा ओ ,

तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया ,

कान्हा कान्हा बोले बस मेरा जिया,

दर पे बुला के अपना बना के तूने तो बदल डाला मुझको ,

तेरे ही सपने तेरी ही बातें याद रहे अब मुझको ,

सपनों में आके ये क्या किया ,

ओ रे कान्हा ओ ,

तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया,

कान्हा कान्हा बोले बस मेरा जिया,

ओ मेरे मोहन मैं तेरी जोगन जोग लगा ऐसा मन में ,

जैसे मीरा थी तेरी दीवानी मैं भी लगी हूं जपने ,

जोग लगा के ये क्या किया,

ओ रे कान्हा ओ ,

तूने ओ कन्हैया कैसा जादू किया,

कान्हा कान्हा बोले बस मेरा जिया

Lyrics : - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।