मेरी राधा रानी फल देगी, आज नहीं तो कल देगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी राधा रानी फल देगी

आज नहीं तो कल देगी।

राधा रानी फल देगी

आज नहीं तो कल देगी।

1) राधे-राधे गाले तू, जीवन सफल बना ले तू।

घर खुशियो से भर देगी। आज नहीं तो कल देगी

2) जीवन धूप और छाया है, सपना है कि माया है।

किस्मत तेरी बदल देगी। आज नहीं तो कल देगी

3) वो दीन पर कृपा करती है, रे मन तू काहे को डरता है।

अपनी शरण में वो रख लेगी। आज नहीं तो कल देगी

4) वो कृपामयी कहलाता है, भक्तो के मन को भाती है।

वो कान्हा से मिला देगी। आज नहीं तो कल देगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।