महसूस होने लगी है कृपा खाटू में जब से आने लगा हूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

महसूस होने लगी है कृपा सरण में जब से आने लगा हूं

तेरी कृपा से ओ मेरे बाबा मंजिल में अपनी पानी लगा हूं

महसूस होने लगी है कृपा खाटू में जब से आने लगा हूं

गलती पर गलती हम कर रहे हैं इस माया में भटक रहे हैं

इस माया से तुम ही निकालो शरण तुम्हारी आने लगा हूं

महसूस होने लगी है कृपा...

पहली बार मैं जब खाटू आया जो मांगा मैंने बो इससे पाया

बड़ा दयालु है मेरा बाबा महफूज अब मैं रहने लगा हूं!

महसूस होने लगी है कृपा...

जिसे मेली है दया तुम्हारी उसे पूछती ये दुनिया सारी

राम श्याम यह कह रहे हैं शरण में जीवन बिताने लगा हु

महसूस होने लगी है कृपा...

लेखक. प. राम श्याम अवस्थी ग्वालियर (वीरपुर बाले )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।