उज्जैन के राजा अब तुम दरस दिखाओ ना काल के कपाल से बाबा मुझको बचाओ ना

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - तीन बाण के धारी तीनों बाण चलाओ ना

उज्जैन के राजा अब तुम दरस दिखाओ ना

काल के कपाल से बाबा मुझको बचाओ ना

भोले मेरे भोले अब तुम जल्दी आओ ना

दुनिया के जमेलो से जब हार के कोई आए

उसे हारे को बाबा अपने गले से है लगाए

अब तू आकर भोले मेरा साथ निभोओ ना

काल के कपाल से बाबा मुझको बचाओ ना

सब जाने तु भोले शंकर दानी है बड़ा

आज तेरे चरणों में यह पापी है पड़ा

बिना कुछ पूछे शंभू मेरे कृपा बरसाओ ना

काल के कपाल से बाबा मुझको बचाओ ना

लकी बाबा तेरा हरदम ध्यान धरता है

अपने दिल की सारी बाबा बातें कहता है

भक्तों के सीर पे मेरे भोले हाथ फिर आओ ना

काल के कपाल से बाबा मुझको बचाओ ना

Lyrics - ।ucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।