झुंझुनूं वाली गाड़ी में घुमाय ल्यायूँ चालो चालो थाने दादी से मिलाय ल्यायूँ

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : अंजन की सीटी में म्हारो

झुंझुनूं वाली गाडी में घुमाय ल्याऊं

चालो चालो जी..

चालो चालो थाने दादी से मिलाय ल्याऊं

1.. झटपट खटपट टिकट कटा ल्यो, छूट ज्यावेगी गाडी

ई गाडी में बैठणीया ने, मिलज्यावेगी लाडी

चालो चालो थारी..

चालो चालो थारी जोड़ी जुड़वाय ल्याऊं

झुंझुनूं वाली गाड़ी में..

2.. छुक छुक गाडी चाल पड़ी है, आज्या ए बड़भागण

दादीजी की किरपा से तू, रहवै सदा सुहागण

चालो चालो थारो..

चालो चालो थारो चुड़लो अमर कराय ल्याऊं

झुंझुनूं वाली गाडी में..

3.. नाच कुदतो मस्ती में जो, ई गाडी में बैठे

ऊणकी गाडी सरपट भागै, कदे न ठालो बैठे

चालो चालो थारी..

चालो चालो थारी किस्मत चमकवाय ल्याऊं

झुंझुनूं वाली गाडी में..

4.. खड़या खड़या के सोच रहया हो, डीक रही सेठाणी

एक बर गाडी छूट गई तो, फेर के आणी जाणी

चालो चालो थाने..

चालो चालो थाने दर्शण कराय ल्याऊं

झुंझुनूं वाली गाडी में..

5.. भग्तां के संग अम्बरीष बोले, गाडी छूट न ज्यावै

थारी दया से म्हारी गाडी, आगै बढ़ती जावै

चालो चालो थारो..

चालो चालो थारो मंगळ कराय ल्याऊं

झुंझुनूं वाली गाडी में..

Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai

9327754497

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।