ओ मारी राणी सती जी पलका उघाड़ो भादो आ गयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन रानी सती दादी भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज - मेरा श्याम रंगीला

ओ मारी राणी सती जी पलका उघाड़ो भादो आ गयो

भादो की मावस पर मैया भीड लगी‌ है भारी

दूर - दूर से दर्शन करने आया है नर नारी

थारो रूप सुरीलो मेरे मन को भा गयो

ओ मारी राणी सती जी पलका उघाड़ो भादो आ गयो

झुंझुनू धाम यो पावन बनगो सेठानी विराजे

बड़ा - बड़ा भी सेठ ओ दादी थारे धोके लगाजे

थारो दरबार सजीलो भगता न दाए घणो आ गयो

ओ मारी राणी सती जी पलका उघाड़ो भादो आ गयो

लकी की ख्वाहिश है मैया चुनरी थारे चढ़ाउ

मीठे - मीठे भजन लिख कर थाने रोज सुनाउ

थारी महिमा सुनकर थासु मैं मिलने जल्दी आ गयो

ओ मारी राणी सती जी पलका उघाड़ो भादो आ गयो

Lyrics - ।ucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।