तेरी मंद मंद मुस्कनिया पर बलिहार भोले जी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार भोले जी

बलिहार भोले जी

शिव रूप तुम्हारा निराला

मुख पे है तेज उजाला

नैनों में तेज तुम्हारे प्यारा

भोले जी बड़ा है प्यारा

भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया

सजे शीश पे चंदा प्यारा

और जटा में गंगा धारा

शिव गले में डाला तुमने नाग का हार

भोले जी डाला हार

भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया

तन पे है भस्मी रमाये

डम डम डम डमरू बजाए

फूलों हारो से करते श्रृंगार

भोले जी श्रृंगार

भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।