दिवाली इस बारी अयोध्या मनानी है मिलकर ये हमको अयोध्या सजानी है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - हारा हूं बाबा पर तुझपे भरोसा है

दिवाली इस बारी अयोध्या मनानी है

मिलकर ये हमको अयोध्या सजानी है

एक दिया मिलके प्रभु के हम संग जलाएंगे

सर झू की तट को हम मिलकर सजाएंगे

भाव की ऐसी हमे बंसी बजानी है

मिलकर ये हमको अयोध्या सजानी है

राम अयोध्या वर्षो के बाद है

बन गई दिवाली कितनी ये खास है

आंखों में प्रभु की छवि बनानी है

मिलकर ये हमको अयोध्या सजानी है

साबरी के जैसे इंतजार हो गया है

हमको तो राम जी से प्यार हो गया है

लकी ने बात लिखी श्यानी है

मिलकर ये हमको अयोध्या सजानी है

Lyrics - । ucky Shuk। a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।