सारी दुनिया में मैंने,चैन कहीं ना जब पाया,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज दुनिया बनाने वाले।

सारी दुनिया में मैंने,

चैन कहीं ना जब पाया,

अब तेरी शरण में आया,

बाबा अब तेरी शरण में आया।।

हमने सुना है लाखो,

पापी है तारे,

महिमा सुन के आया,

दर पे तुम्हारे,

मेरी भी सुन ले,

ओ खाटू वाले,

नाव भंवर में मेरी,

इसको बचा ले,

दर दर की ठोकर खाई,

दर तेरा अब पाया,

अब तेरी शरण में आया,

बाबा अब तेरी शरण में आया।।

दुनिया के धोखे खाकर,

मन पछताया,

दर्द अपना मैंने,

तुमको सुनाया,

तेरे दर को जो छोड़ूँ,

और कहां जाऊं,

जख्म यह दिल वाले,

किसको दिखाऊं,

आजा सांवरिया प्यारे,

अब तो मैं हार के आया,

अब तेरी शरण में आया,

बाबा अब तेरी शरण में आया।।

झूठे रिश्ते नाते,

झूठा जमाना,

झूठे यह महल अटारी,

झूठा खजाना,

जिस तन पर तू इतना,

मान करे है,

एक दिन उसको भी,

छोड़ के जाना,

सच्चा एक नाम तुम्हारा,

झूठी है जग की ये माया,

अब तेरी शरण में आया,

बाबा अब तेरी शरण में

झूठे रिश्ते नाते,

झूठा जमाना,

झूठे यह महल अटारी,

झूठा खजाना,

जिस तन पर तू इतना,

मान करे है,

एक दिन उसको भी,

छोड़ के जाना,

सच्चा एक नाम तुम्हारा,

झूठी है जग की ये माया,

अब तेरी शरण में आया,

बाबा अब तेरी शरण में आया।।

मेरे बाबा ने मुझको,

राह दिखाई,

गोपाल ने शब्दों की.

माला बनाई,

कृष्णा ने आकर के,

धुन है बजाई,

गोविंद ने संग में,

ताल मिलाई,

भगत ये सारे झूमे,

राघव ने साथ निभाया,

अब तेरी शरण में आया,

बाबा अब तेरी शरण में आया।।

भजन लेखक व गायक

गोपाल प्रजापति मेरठ

85330 26845

9411855121

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।