मां बाला सुन्दरी की महिमा है सबसे न्यारी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ बाला सुन्दरी की महिमा है सबसे न्यारी -2

मैया पे विश्वास तू रख ले-2 हरेगी चिन्ता सारी

अन धन के भंडार है भरती अंधों के दे आंखें

खुशियों से भर देती दामन देख ले दर पे आके

बाल रूप बड़ा प्यारा मां का -2 सुन्दर शेर सवारी

अस्सी चार चौरासी घण्टे बजते मां द्वारे

मनभावन दरबार है मां का सुंदर अजब नजारे

मैया का तू सेवक बन जा -2 हरेगी विपदा सारी

त्रिलोकपुर का धाम है प्यारा दुनियां सारी कहती

जहाँ बाला सुन्दरी भक्तो पे कृपा बरसाती रहती

श्रद्धा से जो दर पे आता-2 माँ काटे रोग बीमारी

मैया पे विस्वास है मुझको इक दिन दर्शन देगी

जब तक मां दर्शन ना हो आंखें चैन ना लेगी

दर्शन दे ध्यानू को तारा -2 अब सिंगला की है बारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।