द्रौपदी पुकार भजन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी लाज राखो गोविंद, मेरी लाज राखो गोविंद

मेरी करूण पुकार सुनो, मेरी लाज राखो गोविंद

1) मैं पांचाली राज सभा में, कोई नहीं मेरा मीत

जो तू आज नहीं आया तो, होगी इनकी जीत

मेरी लाज राखो गोविंद..

2) मेरे पांच पति हैं बेठे सभा में सब हैं शीश झुकाये,

आ जाओ कृष्णा मीत मेरे, सब उम्मीद तुझी से लगाये,

मेरी लाज राखो गोविंद..

3) दुशासन चिर है खींचे, दुर्योधन हर्षाए,

आजा कृष्ण मुरारी अब तो, होगी मेरी जग हंसाई

मेरी लाज राखो गोविंद..

4) चिर बढ़ाया जो तूने, सब देखते रहे गए,

आंसू मेरे सूख गए, आज सखा ने कर्ज उतार गए

मेरी लाज राखी गोविंद मेरी लाज राखी गोविंद

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।