ओ मेरे बांके बिहारी तेरी एक झलक

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे बांके बिहारी, तेरी एक झलक ,

जब से देखी मेने , मैं तेरा हो गया !

मन ये मेरा नहीं, अब मेरे बस में ,

आज से अभी से ये , तेरा हो गया !!

सिर पे मोर मुकुट , होठो पे हंसी ,

पैरो में पायल , हाथो में बंशी !

ओ तेरी सांवली सूरत , तेरी मोहनी मूरत ,

जब से देखी मेने मैं , तेरा हो गया !!

ओ मेरे बांके बिहारी, तेरी एक झलक ,

जब से देखी मेने , मैं तेरा हो गया !

मथुरा में भी तू , गोकुल में भी तू ,

नंदगाव में तू , बरसाना में तू !

ओ जब से देखा मेने , तुझको वृन्दावन में ,

तब से तभी से , मैं तेरा हो गया !!

ओ मेरे बांके बिहारी, तेरी एक झलक ,

जब से देखी मेने , मैं तेरा हो गया !

राधा रानी के संग , महारानी के संग ,

बरसाने वाली , पटरानी के संग !

ओ जब से देखी मेने , राधेश्याम की जोड़ी ,

तब से मेरा जीवन ये , सफल हो गया !!

ओ मेरे बांके बिहारी, तेरी एक झलक ,

जब से देखी मेने , मैं तेरा हो गया !

Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।