जिस दिन से गया है श्याम मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिस दिन से गया है श्याम मेरा,

बस गम से ही नाता जोड़ लिया ।

दृग बिन्दु टपकते हैं फिर क्यों,

धनश्याम से नाता जोड़ लिया ।।

जिस दिन से....

जिस पथ से चलने को कहते,

उस पथ को कभी जाना ही नहीं ।

जिस ब्रह्म में रमने को कहते,

उसको हमने देखा ही नहीं ॥

उस ब्रह्म में उद्धव तुम रमना,

मेरा मन तो चितचोर लिया ।।

जिस दिन से....

पगली दिवानी बन गोपी,

बोली धनश्याम की मस्ती में ।

मटकी फोड़ी माखन चोरी,

वंशी धुन गूँजे बस्ती में ॥

मेरे दिल का टुकड़ा श्याम पिया,

हमको क्यों दुःख में छोड़ दिया ।।

जिस दिन से....

उद्धव ने सुना मटकी फूटी,

ग्वालों की कुछ आवाज सुनी ।

मुरली धुन जब कानों में गई,

उद्धव की वह सब जोग भुनी ॥

अब कान्त गोपियों की मस्ती,

उद्धव को अपनी ओर किया ।।

जिस दिन से....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।