मां बाला सुन्दरी दर्श दिखा दो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ बाला सुन्दरी दर्श दिखा दो -2

दर्शन की प्यासी अंखियाँ है कब से

नैनो की अब तो प्यास बुझा दो

जग माया में भटका है प्राणी

धन दौलत ये संग ना जानी

मोह माया का जाल हटा दो

माँ बाला सुन्दरी दर्श दिखा दो

ममता की मुरत सब की तू मैया

तू ही है जग की पालक तू ही रचईया

सोई किस्मत अब तो जगा दो

माँ बाला सुन्दरी दर्श दिखा दो

तेरे बिन मेरा कोन सहारा

भटके भवर में नईया दिखे ना किनारा

सिंगला को अब तो चरणी लगा लो

माँ बाला सुन्दरी दर्श दिखा दो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।