राधे राधे बोल कृष्ण आयेंगे यहीं

सियाराम जी ।
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे राधे बोल कृष्ण आयेंगे यहीं |

मन वृन्दावन होवे, तू उसमें निज को खोवे ।

राधे राधे बोल कृष्ण आयेंगे यहीं ।।

कितने जीबन बीत चुके हैं,

हाय तेरे जग भोगों में ।

कितने युग बरबाद किये तू ,

जन्म मरण अरु रोगों में ।।

अब भी दिल से हरि कीर्तन, क्या गाओगे नहीं ।

राधे राधे बोल कृष्ण आयेंगे यहीं ।।

कब तक सोयेगा रे भाई,

झूठ कपट क्या अच्छा है ।

धन हित पापाचार करे तू ,

संग्रह में क्या रक्खा है ।।

बिना त्याग के श्री हरि को तुम भाओगे नहीं ।

राधे राधे बोल कृष्ण आयेंगे यहीं ।।

त्याग तपस्या मय करु जीवन,

भूलो नहीं जमाने में ।

युग युग बीत गये रे भाई,

हाय तुझे समझाने में ।।

बिनु सत्संगति देवादास हरि पाओगे नहीं ।

राधे राधे बोल कृष्ण आयेंगे यहीं ।।

भजन रचना : प. पू. गुरुदेव श्री स्वामी देवादास जी महाराज ।

स्वर : सियाराम जी ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।