हनुमत बोले माता सुन लो सुन लो माँ तुम मेरी पुकार 2

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - हनुमत से बोली यु माता क्यों मुख मुझे दिखाया है

हनुमत बोले माता सुन लो

सुन लो माँ तुम मेरी पुकार 2

याद वो करते तुमको माता

यह दर्द प्रभु से ना सहा जाता

एक बार मैया कर दो इशारा प्रभु करते ये इंतजार

हनुमत बोले माता सुन लो सुन लो माँ तुम मेरी पुकार

एक दहाड़ में जोर से मारूं

रावण की बगिया को उजाडु

कर दूं ऐसा हाल में इनका पड़े जाके काल के द्वार

हनुमत बोले माता सुन लो सुन लो माँ तुम मेरी पुकार

रावण का अभियान में तोडूंगा

लंका को मैं राख कर छोडूंगा

कर दूंगा मैं हाल ये इनका मचेगा इनमें हा - हा कार

हनुमत बोले माता सुन लो सुन लो माँ तुम मेरी पुकार

राम नाम की शक्ति है ये

राम नाम की भक्ति है

लिख रहा हूं जो कथा प्रभु की

बातें वो सारी सच्ची है

लकी बोले दृश्स दिखाओ मेरे प्यारे सरकार

हनुमत बोले माता सुन लो सुन लो माँ तुम मेरी पुकार

Lyrics - । ucky Shuk। a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।