ड ड ड ड बोलतो कमाल करग्यो बावलीयो म्हाने मालामाल करग्यो

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बावलिया बाबा भजन (चिड़ावा)

तर्ज : धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले

ड ड ड ड बोलतो कमाल करग्यो

बावळीयो म्हाने मालामाल करग्यो

गांव चिड़ावो पूजा दियो

और कई बिड़ला यो बणा दियो

1.. देवी माँ का परम उपासक हो

शिवजी की नगरी का वासक हो

विदवान थे..

गुणवान थे..

सोई तकदीर जगा दियो

हंडिया से माल लूटा दियो

2.. के ब्राम्हण के सेवक के बणिया

मौज करै बाबा ने पूजणीया

दिलदार बडा..

खावै दाळ बड़ा..

रोग्यां का रोग मिटा दियो

मूरख ने ज्ञानी बणा दियो

3.. अम्बरीष कहवै पंडित जी दात्तार

थारै भग्तां को सुखी रहवै परिवार

नीला वस्त्र है..

लाठी शस्त्र है..

थारो उत्सव म्हे करता रहवां

ई लायक म्हानै बणा दियो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।