श्याम तेरी किरपा

विकास झा 7980672853
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पड़ा हूँ आके तेरी शरण में,

बनाते बिगड़ी हो नाथ छण में

तेरा भरोसा है जिसके मन में

मिले ठिकाना उसे चरण में ।

दानी दयालु तेरे द्वार पे जो भी आया

श्याम तेरी किरपा उसपे हो गई

जिसने भी तुझको है ध्याया

खाटूवाले खाटूवाले तुझ बिन

मुझको कौन सम्भाले...

जग में तेरा नाम बड़ा है तू दातार है मोटा

बहुत दिनों में अटका पड़ा है मेरा काम ये छोटा

क्यों ना करते सुनाई काहे देर तू लगाई

क्या है मुझमें बुराई बोलो श्याम कन्हाई

कहो दीनबंधु क्यों ये दीन पसंद नहीं आया

श्याम तेरी किरपा...

ये भी सुनलो श्याम तुम्हारे दर से मैं ना हटूंगा

हरपल बाबा तुझको पुकारू, तेरा ही नाम रटूंगा

दूजे द्वारा जो मैं जाऊं तेरी हंसी मैं कराऊँ

कहाँ मुख दिखलाऊं क्या मैं जग को बताऊं

कैसे कहूं कि मुझे खाली ही हाथ लौटाया

श्याम तेरी किरपा...

सब कुछ तूने नाथ दिया है एक कमी क्यों रखी

मेरे हृदय में तुम बस जाओ निरखू प्यारी झांकी

बिन्नू तुझको निहारे सारे जग को बिसारे

मत नखरे दिखा रे आ रे मितवा प्यारे

करके भरोसा तेरा मैं ये सपना सजाया

श्याम तेरी किरपा...

गायक - विकास झा 7980672853

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।