होती हैं जिनकी प्रथम पूजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

होती है जिनकी प्रथम पूजा

वो भगवान न्यारे हैं

माता गौरा के प्यारे

महादेव के दुलारे हैं

वो भगवान न्यारे हैं

होती है जिनकी प्रथम पूजा..

लाचार मजबूर दुखियारे

जो भी दर्द के मारे हैं

आते वो सब गणपति जी

आप ही के द्वारे हैं

होती है जिनकी प्रथम पूजा..

निर्धन को देते माया

देते कोढ़ियों को काया

भाग्य अभागों के

गजानन ने ही संवारे हैं

होती है जिनकी प्रथम पूजा..

विघ्नहर्ता विघ्न हैं हरते

मन की इच्छा पूरी करते

दीनबंधु हैं वे दुख हरता

दुखियों के सहारे हैं

होती है जिनकी प्रथम पूजा..

सदा होता उनका जिक्र जहाँ

नहीं होती कोई फिक्र वहाँ

जो छोड़े नैया उनके भरोसे

उन्हें सदा मिलते किनारे हैं

होती है जिनकी प्रथम पूजा..

कण कण में हैं देवा

हैं राजीव के मन में भी देवा

जिस ओर भी जाए नज़र

उस ओर उनके ही नज़ारे हैं

माता गौरा के प्यारे

महादेव के दुलारे हैं

होती है जिनकी प्रथम पूजा...

वो भगवान न्यारे हैं..

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।