मेरे श्याम कोई बात , छुपी नहीं तेरे से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : - दीनानाथ मेरी बात छानी कोणी तेरे से

मेरे श्याम कोई बात , छुपी नहीं तेरे से ,

मन की बाते पढ़ लेता तू , क्या छुपाऊ तेरे से !

खाटू वाले श्याम , तेरे दर पे मैं आया हूँ ,

मन की सारी बाते , जुबां तक लाया हूँ !

भूल मत जाना बाबा , अपने इस भगत को ,

सारी दुनिया छोड़ी मेने , छोड़ा इस जगत को !!

मेरे श्याम कोई बात , छुपी नहीं तेरे से ,

मन की बाते पढ़ लेता तू , क्या छुपाऊ तेरे से !

भगत हूँ मैं तेरा श्याम , मुझको निभा लेना ,

भव सागर में फसी नय्या, पार लगा देना !

हारे का सहारा तू , किश्ती का किनारा हैं ,

जिसने भी पूजा , तूने उसको उबारा हैं !!

मेरे श्याम कोई बात , छुपी नहीं तेरे से ,

मन की बाते पढ़ लेता तू , क्या छुपाऊ तेरे से !

मुरली अधर पे , लब तेरे चूमे हैं ,

भक्त खड़े द्वार , तेरी भक्ति में झूमे हैं !

खाली हाथ कैसे बाबा , जाऊ तेरे दर से ,

आस लेके निकला बाबा , मैं तो अपने घर से !!

मेरे श्याम कोई बात , छुपी नहीं तेरे से ,

मन की बाते पढ़ लेता तू , क्या छुपाऊ तेरे से !

खाते हो तुम खीर चूरमा , लीले ऊपर घूमते हो ,

अपने भक्तो को बाबा , कभी नहीं भूलते हो !

भगतो की झोली बाबा, भर दो अपनी भक्ति से ,

संकट सारे दूर कर दो , बाबा अपनी शक्ति से !!

मेरे श्याम कोई बात , छुपी नहीं तेरे से ,

मन की बाते पढ़ लेता तू , क्या छुपाऊ तेरे से !

Lyrics- Jay Prakash Verma , Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।