बालाजी बालाजी अर्ज स्वीकारों

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज आ जा रे आ जा रे

बालाजी बालाजी मेरी

अर्ज स्वीकारों

शरण तुम्हारी आया हूँ

भटक रहा हु दर 2 बाला

संकट मेरे दूर करो

अर्जी मेरी छोटी सी है

इस पर थोड़ा गौर करो

हारू ना हारू प्रभु तेरे होते

आस यही मैं लाया हूँ

भय भव हारी मंगलकारी

मेरे दुखड़े दूर करो

बजरंग बाला अंजनी लाला

सिर पर मेरे हाथ धरो

अन्न धन से अन्न धन के

भंडारे भरोगे

ये विश्वास मैं लाया हूँ

लाल लंगोटा हाथ में सोंटा

पवन वेग सी चाल है

राम कृपा है तुम पर भारी

भगती का ये कमाल है

कहे गोपाल कहे गोपाल मैं श्री चरणों

हरदम शीश नवाया हूँ

हेमन्त गोयल गोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।