श्याम मेरे, श्याम मेरे बुलाना मुझे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन तर्ज - परदेशी परदेशी जाना नहीं !!

श्याम मेरे श्याम मेरे बुलाना मुझे ,

तेरे दर पे हा तेरे दर पे ,

ओ श्याम मेरे कान्हा , भूल न जाना ,

मुझे याद रखना कही भूल न जाना ,

श्याम मेरे श्याम मेरे बुलाना मुझे ,

तेरे दर पे हा तेरे दर पे,

हर पल तेरी भक्ति में तो करता हूँ ,

हर पल तेरा नाम में तो जपता हूँ ,

तेरे बिना कोई ना हमारा हैं ,

हारे हुये का श्याम तू ही सहारा है ,

ओ श्याम मेरे कान्हा ,भूल न जाना ,

मुझे याद रखना कही भूल न जाना ,

श्याम मेरे श्याम मेरे बुलाना मुझे ,

तेरे दर पे हा तेरे दर पे,

कब तक मुझको ऐसे यू तड़पाओगे ,

कब तक मुझको दर पे ना बुलाओगे ,

कितनी और परीक्षा मेरी लोगे तुम,

कब तक मुझको दर्शन ना दोंगे तुम,

ओ श्याम मेरे कान्हा ,भूल न जाना ,

मुझे याद रखना कही भूल न जाना ,

श्याम मेरे श्याम मेरे बुलाना मुझे ,

तेरे दर पे हा तेरे दर पे,

राधा जी से अर्जी क्या लगवाऊ में ,

बरसाना से चिट्ठी क्या भिजवाऊ में ,

मेरी तो कान्हा तुम सुनते ही नहीं,

तुम ही बताओ कैसे तुम्हे मनाऊ में,

ओ श्याम मेरे कान्हा , भूल न जाना ,

मुझे याद रखना कही भूल न जाना ,

श्याम मेरे श्याम मेरे बुलाना मुझे ,

तेरे दर पे हा तेरे दर पे ,

मन की बाते मन में ये रह जाये ना ,

दर्शन बिना प्राण ये छूट जाये ना ,

ऐसी भी क्या श्याम मज़बूरी है ,

मुझसे तेरी कैसी ये दूरी है,

ओ श्याम मेरे कान्हा , भूल न जाना ,

मुझे याद रखना कही भूल न जाना ,

श्याम मेरे श्याम मेरे बुलाना मुझे ,

तेरे दर पे हा तेरे दर पे ,

Lyrics - Jay Prakash Verma , Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।