माई री सहज जोरी प्रगट भई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माई री सहज जोरी प्रगट भई,

माई री सहज जोरी प्रगट भई

1.जु रंग की गौर श्याम

घन दामिनि जैसैं माई री....

2.प्रथमहूं हुती अबहूं आगें हूं

रहिहै न टरिहै तै सैं माई री....

3.अंग अंग की उजराई सुघराई

चतुराई सुंदरता ऐसैं माई री....

4.श्री हरिदास के स्वामी श्यामा

कुंज बिहारी सम बैसे माई री....

माई री सहज जोरी प्रगट भई,

माई री सहज जोरी प्रगट भई

श्री हरिदास निष्काम संर्कींतन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।