बूझते श्याम कौंन तूं गोरी

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बूझते श्याम कौंन तूं गोरी,

बूझत श्याम कौंन तूं गोरी

1.कहां रहति काकी है बेटी,

देखी नहीं कहूं ब्रज ख़ोरी

बूझत श्याम....

2.काहे कौं हम ब्रजतन आवतिं,

खेलति रहतिं आपनी पौरी

बूझत श्याम....

3.सुनत रहति स्त्रवननि नंद ढोटा,

करत फिरत माखन दधि चोरी

बूझत श्याम....

4.तुम्हरौ कहा चोरि हम लैहैं,

खेलन चलौ संग मिलि जोरी

बूझत श्याम....

5.सूरदास प्रभु रसिक सिरोमनि,

बातनि भुरइ राधिका भोरी

बूझत श्याम कौंन तूं गोरी,

बूझत श्याम कौंन तूं गोरी

बूझत श्याम....

श्री हरिदास निष्काम संर्कींतन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।