लड़ फड़ के तेरा दाती हुन छडेया नही जांदा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लड़फड़ के तेरा दाती हुन छडेया नही जांदा

तेरे दर उत्ते आ गए आ पीछे हटिया नही जांदा॥

तस्वीर तेरी दाती मेरे दिल विच बस गई है,

असी कड भी नही सकदे रोम रोम विच बस गई है,

जदो तारा खड़कदिया ने -2

फिर रुकेया नही जंदा

लड़ फड के तेरा दाती...

एहे प्रेम का सौदा रो सिर घड़ दी वाजी ए

कोई समझे ना समझे मेरी दाती राजी ए

आसा दिल च वसा लेया ऐ-2

हुन कडेया नही जांदा,

लड़ फड के तेरा दाती...

ऐ जाम महोबत दा इक वार जो पी लैंदा

भुल जांदे ने गम सारे मस्ती च जी लैंदा

एहे मस्ती उतर दी नही-2

नशा चढ़ के उतर जांदा,

लड़ फड के तेरा दाती...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।