प्रेम नगर मत जाना मुसाफिर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़ : हुस्न पहाड़ों का,क्या कहना के बारहों महीने यहाँ मौसम जाड़ों का

प्रेम नगर मत जाना मुसाफिर,

प्रेम नगर मत जाना

1.प्रेम नगर पथं कठिन है,

ऊंचे शिखर ठिकाना मुसाफिर

प्रेम नगर....

2.प्रेम नगर की नदिया गहरी,

लाखों लोग डुबाना मुसाफिर

प्रेम नगर....

3.प्रेम नगर की सुंदर परियां,

सब जग देख लुभाना मुसाफिर

प्रेम नगर....

4.ब्रम्हानंद कोई बिरला पहुंचें,

पावे पद निराला मुसाफिर

प्रेम नगर मत जाना मुसाफिर,

प्रेम नगर मत जाना

श्री हरिदास निष्काम संर्कींतन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।