श्याम सलोना मुझे भाया रे

विष्णु कुमार सोनी, कानपुर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज: आया रे खिलौने वाला, खेल खिलौने

भाया रे , वो लीले वाला श्याम सलोना मुझे भाया रे-भाया रे ।

श्याम की महिमा गाऊँ, मैं श्याम को सदा मनाऊ

भाया रे.....

जब भी मेरे सर पे, मुसीबत है आई,

मोरछ्ड़ी बाबा की, तभी लहराई ,

श्याम के रहूँ सहारे, वो करता वारे-न्यारे ।

भाया रे....

शीश का दानी है, वो जग से निराला,

कलियुग के अंधेरे में, वो करता उजाला

पाप की आंधी छाई, तो श्याम ने ज्योत जलाई ।

भाया रे .....

जो भी इस दुनिया से, है हार के आता,

हारे का सहारा ही, उसे अपनाता ।

विष्णु वो मान बढ़ाये, उसे जग से जीत दिलाये ।

भाया रे....

लेखक: विष्णु कुमार सोनी, कानपुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।