चलो बुलावा आया हैं , राधा ने बुलाया हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - चलो बुलावा आया हैं , माता ने बुलाया हैं

( राधे रानी भजन )

चलो बुलावा आया हैं , राधा ने बुलाया हैं - २

ऊँचे पर्वत पे राधा ने , अपना दरबार लगाया हैं ,

सारे जग में एक ठिकाना , सारे राधे भक्तों का - २

रस्ता देख रही हैं राधा , अपने प्यारे भक्तों का - २

जिसने राधा नाम जपा हैं , वो बरसाने आया हैं ,

चलो बुलावा आया हैं , राधा ने बुलाया हैं - २

राधे रानी के मंदिर में , भक्त जो भी आते हैं ,

राधे राधे गाते हैं और राधे के हो जाते हैं - २

जिसने राधा नाम जपा हैं , उसको इसने तारा हैं ,

चलो बुलावा आया हैं , राधा ने बुलाया हैं - २

मैं भी तो आई हूँ राधा, मुझको भी तो अपना ले तू ,

तेरे दर की मैं भी हूँ दासी ,तेरे चरणों में मुझको बिठा ले तू ,

मेने भी तेरा नाम जपा हैं और तेरा ही प्रेम पाया हैं ,

चलो बुलावा आया हैं , राधा ने बुलाया हैं - २

जरा प्रेम से बोलो - जय श्री राधे ,

सब मिलकर बोलो - जय श्री राधे ,

राधे राधे - जय श्री राधे ,

राधे राधे - जय श्री राधे ,

जय जय श्री राधे , जय जय श्री राधे ।।

भजन का सार

राधा जिनको याद करे वो , भक्त वृन्दावन आते हैं ।

राधे राधे गाते हैं और श्याम के दर्शन पाते हैं ।।

Lyrics - Jay Prakash Verma , Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।