पढ़ ले गीता , पढ़ ले भागवत , पढ़ ले वेद पुराण

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गीता जयंती भजन

पढ़ ले गीता , पढ़ ले भागवत , पढ़ ले वेद पुराण ,

ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण , ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण ,

ढूंढे से भी नहीं मिलेगा , तुझको इतना ज्ञान ,

ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण , ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण ,

भटका करेगा नहीं तो , दुनिया के माया जाल में ,

ओ माया जाल में ,

भटका था जैसे अर्जुन , रिश्तों के जंजाल में ,

ओ जंजाल में ,

कृष्ण ने उसको राह दिखाई , दे के गीता ज्ञान ,

ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण , ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण ,

सारथी बन के प्रभु ने , अर्जुन को दिया ज्ञान ये ,

ओ दिया ज्ञान ये ,

जीवन हैं सबका नश्वर , आत्मा हैं सबसे महान ये ,

ओ सबसे महान ये ,

सब कुछ जो मिट जायेगा पर, नहीं मिटेगा ज्ञान,

ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण , ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण ,

कर्म किये जा अच्छे , ना कर तू अभिमान रे ,

तू अभिमान रे ,

फल की इच्छा मत कर , इतनी से बात तू मान ले

तू मान ले ,

कर्म किये जा फल की इच्छा मत कर यही हैं ज्ञान ,

ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण , ओ बन्दे पढ़ ले वेद पुराण ,

Lyrics - Jay Prakash Verma , Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।