माता बगलामुखी जयंती

श्रीकेवल कृष्ण मधुप (मधुप हरि महाराज)
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मंगल गीत बधाई, गावो मंगल गीत बधाई,

प्रक्टी शुक्ल पक्ष अष्टमी, बगलामुखी महामाई - गावो

अष्टदश महाविद्या जगत में, कीन्हा दिव्य प्रकाश।

दश महाविद्या में महाशक्ति, बगलामुखी विख्यात ।।

कर पूजा प्रगटाई विष्णु, बगलामुखी महामाई - गावो

देश धर्म समाज की रक्षक, सब सुखों की सार।

नाम एलाही, काम एलाही, बगलामुखी सरकार ।।

अद्भुत शोभा कही ना जावे, पीताम्बरा माई - गावो

मन्त्र यन्त्र तन्त्र महाशक्ति, करती खेल न्यारे।

पाप शाप दुःख दोष भय हरणी, पल में नज़र उतारे ।।

दासमधुपमैया मन भावे, मन की निर्मलताई - गावो

लेखक : श्रीकेवल कृष्ण मधुप (मधुप हरि महाराज)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।