राणीसती राणा ने कह रही जी लेज्या राणा भस्मी और घोड़ी तेरे साथ मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

पारंपरिक
महादेव भजन रानी सती दादी भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

राणीसती राणा ने कह रही जी

लेज्या राणा भस्मी और घोड़ी तेरे साथ

मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

1..दिन छिपणा से पहल्यां ना रुकीजै

सही ठीकाणे रुक ज्यावेगी घोड़ी अपने आप..

मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

2.. दुनिया सारी थानै रोकसी जी

पण तू निर्भय रहजे राणा मैं हूं तेरे साथ..

मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

3.. कोई भी मूरति मेरी ना बणा ज्यो

करसूं में त्रिशूल में बैठी सबकी नैया पार..

मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

4.. भादी मावस को मेळो लागसी जी

जात जड़ूला करबा आसी लाखां ही नर नार..

मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

5.. चुनड़ी उढ़ा कर झोळी जो मांडसी जी

करस्यूँ मंगल अम्बरीष कोनी भेजूं खाली हाथ..

मंदिर बाणसी मेरो जोर को जी

Lyrics & Singer : Ambrish Kumar Mumbai

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।