जो प्रेम गली में आए नहीं,प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो प्रेम गली में आए नहीं,

प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,

जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं,

वो प्रेम निभाना क्या जानें,

जो प्रेम गली में आए नही ॥

जो वेद पढ़े और भेद करे,

मन में नहीं निर्मलता आए,

कोई कितना भी चाहे ज्ञान कहे,

भगवान को पाना क्या जाने,

जो प्रेम गली में आये नहीं,

प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,

जो प्रेम गली में आये नहीं ॥

ये दुनिया गोरख धंधा है,

सब जग माया में अँधा है,

जिस अंधे ने प्रभु को देखा नहीं,

वो रूप बताना क्या जाने,

जो प्रेम गली में आये नहीं,

प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,

जो प्रेम गली में आये नहीं ॥

जिस दिल में ना पैदा दर्द हुआ,

वो जाने पीर पराई क्या,

मीरा है दीवानी मोहन की,

संसार दीवाना क्या जाने,

जो प्रेम गली में आये नहीं,

प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,

जो प्रेम गली में आये नहीं ॥

जो प्रेम गली में आए नहीं,

प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,

जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं,

वो प्रेम निभाना क्या जानें,

जो प्रेम गली में आए नही ॥

राधे राधे प्रणाली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।