देवा बाला जी कांटिया वाले

पारंपरिक
हनुमान जी आरती हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

देवा बाला जी कांटिया वाले,

भक्तो के हे रखवाले,

रिमझिम उतारे तेरी आरती,

बालाजी हम सब उतारे तेरी आरती,

सिर पर मुकुट कान मे कुन्डल हाथ मे गोठा साजे,

जगमग जगमग रूप निराला भुत प्रेत सब भागे,

जय हो माता अंजनी के लाला,

प्रभु के चरणो के प्यारा,

रिमझिम उतारे तेरी आरती......

बाला जी को राजतिलक मे प्रभु ने गोद बैठाया,

मकरसक्रान्ति का मेला लगे है,

भक्तो के मन भाए,

सबके मन को हरषाने वाले विपदा मिटाने वाले,

रिमझिम उतारे तेरी आरती........

भक्ति भाव से करे आरती तेरे सारे पुजारी,

मन दर्पण मे बसो बाला जी,

कलयुग के अवतारी,

तेरा 'राधे मयूर " गुणगावे,

"गोपाला" शीश नवाऐ,

रिमझिम उतारे तेरी आरती............

गायक रसीद मयूर इटावा राजस्थान

पैड प्लेर रहीस मयूर इटावा राजस्थान

9785090030,982992362

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।