जब से मिला हूं तुमसे कन्हैया भूल गया हूं दुनिया सारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से मिला हूं तुमसे कन्हैया भूल गया हूं दुनियादारी

आंसू भी अच्छे लगते हैं जब से हुई है तुझ संग यारी

देख ली सारी दुनिया परख लिए दुनिया वाले

कोई ना साथ आए चाहे कोई कितना पुकारे

मेरा तो बस एक सहारा तू ही है सांवरे

बस तू ही है सांवरे

तुझे लगी अब आस हमारी

जब से हुई तेरे संग यारी

साथी ना कोई जग में यार ना कोई माने

तेरे सिवा सांवरे भावना कोई ना जाने

जब से थाम हाथ तुम्हारा जाना ये सांवरे

मैंने जाना यह सांवरे

मान गया हर बात तुम्हारी

जब से लगी है तुझ संग यारी

सृष्टि के इस कलयुग में,है केवल नाम अधारा

आज दिनेश दुजाना,ने तेरा नाम पुकारा

नाम ही नैया नाम खेवैया जान गया सांवरे

मैं मान गया सांवरे

सिमरन करती सांसे सारी

जब से हुई है तुझ संग यारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।