दीजो बरसाने को वास,लाड़ली श्री राधे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छंद:-राधे तूँ बड़भागिनी, कौन तपस्या कीन

तीन लोक तारन तरन,सो तेरे आधीन

श्री राधे श्री राधे श्री राधे श्री राधे

दीजो बरसाने को वास,लाड़ली श्री राधे

श्री राधे जय राधे,श्याम राधे श्याम राधे

दीजो बरसाने को वास,लाड़ली श्री राधे

दीजो....

1.नित नित तेरा दर्शन पाऊँ,

लाड़ प्यार से तुझे रिझाऊँ

अब सुन लीजो ये पुकार,

लाड़ली श्री राधे

दीजो बरसाने को वास,लाडली श्री राधे

दीजो....

2.मधुकरी माँग माँग मैं लाऊँ,

टूक प्रशादी को मैं पाऊँ

और गाऊँ तेरे गुणगान,

लाड़ली श्री राधे

दीजो बरसाने को वास,लाडली श्री राधे

दीजो....

3.बरसानों छोड़ कहूँ ना जाऊँ,

या रज में जीवन मैं बिताऊँ

बस यही आस यही चाहा,

लाड़ली श्री राधे

दीजो बरसाने को वास,लाडली श्री राधे

दीजो....

4.इतनी सी बात मान लो श्यामा,

निज चरणों से लगा लो श्यामा

मोहे दीजो चरनन का प्यार,

लाड़ली श्री राधे

दीजो बरसाने को वास,लाड़ली श्री राधे

श्री राधे जय राधे,

लाड़ली श्री राधे

दीजो बरसाने को वास,लाडली श्री राधे....

बाबा धसका पागल पानीपत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।