जो पाया वो कृपा से तुम्हारी तुमने दिया मुझे अपार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जो पाया वो कृपा से तुम्हारी

तुमने दिया मुझे अपार I

सदा मानूं एहसान तुम्हारा

तुम्हारा मुझपे बड़ा उपकार II

सदा ही हरे विघ्न मेरे

तुमने ओ मेरे विघ्नहार I

आके तुम्हारी शरण में हुआ

सदा कष्टों का मेरे निवारII

सदा मानूं एहसान तुम्हारा

तुम्हारा मुझपे बड़ा उपकार

जो पाया वो कृपा से तुम्हारी

तुमने दिया मुझे अपार

एक चाह है मेरे मन की

उसे भी पूरी कर दो भरतार I

दर्शन का तुम्हारे मेरे गणपति

है राजीव बड़ा तलबगार II

सदा मानूं एहसान तुम्हारा

तुम्हारा मुझपे बड़ा उपकार

जो पाया वो कृपा से तुम्हारी

तुमने दिया मुझे अपार

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।