बड़े जन्मों के बाद चोला पाया

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

बड़े जन्मों के बाद चोला पाया, नी देखी कित्ते दाग ना लगे

चोला जो रंगों हरि नाम विच रंग लो,

नाम वाला रंग अपने गुरुओं ते मंग लो

चढ़ जूगा रंग सवाया,

नी देखी कित्ते दाग ना लगे………..

चोला जो पाया ऎनू रखियों संभाल के,

कागज जो मांगू ओनू जाइयों ना गाल के

सत गुरुओं ने ऎही फरमाया,

नी देखी कित्ते दाग ना लगे…………

चोले दी कदर कोई विरला ही जाणदां,

जेड़ा कोई जाणदां सदा सुख पांवदा

साड्डे गुरुओं ने ऎही बतलाया,

नी देखी कित्ते दाग न लगे……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।