आयीं हैं तुलसी की बारात श्री राधे राधे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आयीं हैं तुलसीकी बारात श्री राधे राधे

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

१ तुलसी हमारी दुल्हन बनी है

दुल्हा बने है शालिग्राम, श्री राधे राधे

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

२ तुलसी हमारी के मौरी लगी है

मौर सजाये शालिग्राम, श्री राधे राधे,

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

३ तुलसी हमारी के बिंदिया लगी है

तिलक लगाये शालिग्राम, श्री राधे राधे.

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

४ तुलसी हमारी के मेंहदी लगी है

कंकन बंधाये शालिग्राम, श्री राधे राधे.

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

५ तुलसी हमारी के महावर लगी है

चंदन खडाऊं शालिग्राम, श्री राधे राधे....

६ तुलसी हमारी के चुनरी ओढ़ी है

पीतांबर ओढ़े शालिग्राम, श्री राधे राधे

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

७ तुलसी हमारी डोली चढी है

रथ पे बैठे हैं शालिग्राम, श्री राधे राधे

बोलो श्री राधे राधे गाओ श्री राधे राधे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।