मेरी विनती सुन कर जमवाय मां चले आना

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़-फ़रियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना

मेरी विनती सुन कर जमवाय मां चले आना,

जमवाय मां चलेआना, जमवाय मां चलेआना,

में ध्यान धरु तरेा मेरी विनती सुन लेना ,

मेरी विनती सनु कर......।

तुझे अपना समझ कर मैं तेरा मंगल कर्ता हू

तेरे दर पर आकर में तुझे भजन सुनाता हूं ,

क्यों भूल गई मैया मुझे समज के बेसहारा ,

मेरी विनती सनु कर......।।

मेरी नाव भंवर डोले तमु ही तो मेरी मैया ,

कर सिंह सवारी तमु मेरे घर पर आजाओ,

मेरी विनती सनु कर......।।

में धमाना आया तमु एक बार आजा ना,2

तेरा सेवक पुकारे मां एक बार आजा ना।।

भावेशे कहते हैं माँ एक बार आएगी,

चाहे वो कन्या के रूप मे आय या सपने मे आएगी।

आओ माँ , आओ माँ, आओ माँ

मेरी विनती सनु कर ……..।

जमवाय भक्त मंडल तेरा नीस्दीन ध्यान करे,

भावशे का दील बोले की माँ एक बार दुख में या सुख में आएगी

आओ माँ, आओ माँ , आओ माँ,

मेरी विनती सुन कर …………..।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।