प्रेम मन्दिर है प्रेम ध्वजा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम मन्दिर है प्रेम ध्वजा,यहां रोज हम

आयेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर....

1.प्रेम मन्दिर की महिमा भारी,रल-मिल रहती

बहनें सारी

पानीपत के तीन वार्ड में,जाके आनंन्द

पायेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर है प्रेम ध्वजा,यहां रोज हम

आयेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर....

2.सत्य का पाठ पढ़ाते हरदिन,प्रेम ही पुजा

सिखाते निशदिन

प्रेम को जन-जन के ह्रदय में,सदा हम

पहुंचायेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर है प्रेम ध्वजा,यहां रोज हम

आयेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर है प्रेम ध्वजा,यहां रोज हम

आयेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर....

3.गुरुवर जी ने राहा दिखाई,नई प्रित की

रीत चलाई

प्रेम पाठ पड़नें को हम भी,रोज गुहार

लगायेंगे,

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर है प्रेम ध्वजा,यहां रोज हम

आयेंगे

श्री राधा राधा गायेंगे,श्री राधा राधा गायेंगे

प्रेम मन्दिर....

बाबा धसका पागल पानीपत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।