पागल तेरा बिहारी, तेरे नाम रस में डूबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-मै कहीं कवि ना बन जाऊं

पागल तेरा बिहारी,तेरे नाम रस में

डुबा

1.बृज़धाम में रहूंगा,पाऊंगा तेरे दर्शंन

गाऊं तेरे भजंन मैं,चरणों में मन

लगेगा

पागल तेरा बिहारी,तेरे नाम रस में

डूबा

पागल तेरा....

2.श्री हरिदास का सानिद्धय,तटिया

अस्थान पाऊं

करूं धन्य पाकर जीवन,रज़ में रमें

ये तन मन

पागल तेरा बिहारी,तेरे नाम रस में

डूबा

पागल तेरा....

3.तेरे रूप के समन्दर,में पागल का

मन है डुबा

धसका रहेगा खोया,तेरे प्रेम के भंवर

पागल तेरा बिहारी,तेरे नाम रस में

डूबा

पागल तेरा....

रचनां-बाबा धसका पागल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।