मैंने देखा है कितनी ही बार भवानी मेरे संग चलती

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : गली में आज चांद निकला

मैंने देखा है, कितनी ही बार

भवानी मेरे संग चलती.. मैंया जी मेरे

मेरी बिगड़ी बनाई हर बार.. भवानी मेरे

1.. ज्योत में तू त्रिशूल में तू

मेहंदी नथली फुल में तू

ओढ़े चुनड़ी मां सिंह पे सवार.. भवानी

2.. लाख मुसीबत आती है

ज्यों आती है त्यों चली जाती है

चाहे बैरी बना ये संसार.. भवानी

3.. रोज परीक्षायें लेती है

फेल कभी होने नही देती है

मां ने मुझको जिताया कई बार.. भवानी

4.. काळजै लगा कर रखती है

अम्बरीष ये गलतियों को ढकती है

किये भग्तों पे लाखों उपकार..

किये हम सब पे लाखों उपकार.. भवानी

Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।