महादेवी का ये दरबार दीवाना जग को करे

निरंजन सेन्
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महादेवी का ये दरबार , दीवाना जग को करे

आदि शक्ति का मां अवतार

दीवाना जग को करे

कभी सती कभी पार्वती हो, त्रेता युग की सीता तुम्ही हो

तेरी शक्ति का तेज अपार

दीवाना जग को करे

कई दानव कई असुर संघारे, जिनसे देवता युद्ध में हारे

दुर्गे मैया की जय जयकार

दीवाना जग को करे

माँ को भजलो लकी निरंजन, नौ दिन करलो पूजन वंदन

नवरात्री का ये त्यौहार

दीवाना जग को करे

गायक - उदय लकी सोनी ( 9131843199 )

गीतकार - निरंजन सेन्

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।