पितरां को आशीर्वाद म्हाने तो मालामाल करग्यो

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॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : नखरालो देवरियो

पितरांको... आशीर्वाद

म्हाने तो मालामाल करग्यो

माला.. माल करग्यो जी निहाल

थे हो म्हारे घर का देवता

हरदम रहवो सागै

थारी किरपा से ही म्हे तो

दिन दिन बढां हां आगै

पितरांको... आशीर्वाद

जीवन में धमाल करग्यो

मावस ने थारे दिवलो चासां

नितकी धोक लगावां

पेंडे माही आप विराजो

थारो देयड़ो खावां

(म्हारे मनमें आप विराजो

थारो देयड़ो खावां)

पितरांको... आशीर्वाद

म्हारी तो देखभाल करग्यो

सागै रहता सागै खाता

बै दिन आवै याद

एक पलभी थानै नही भूल्या

थारै जाणे के बाद

पितरांको... आशीर्वाद

पगपग पे सम्भाल करग्यो

भूलचूक म्हारी माफ करो हो

आप बड़ा दातार

अम्बरीष बोले सागै रहज्यो

बणकर पालनहार

पितरांको... आशीर्वाद

म्हारा पुरा सवाल करग्यो

(भग्तां का पुरा सवाल करग्यो)

Lyrics : Ambrish Kumar Mumbai

9327754497

जय पित्तर जी की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।